Jail Administration: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से एक बहुत दुखद खबर सामने आई है। यहां के जेल में एक कैदी ने फासी लगाकर आत्महत्या कर ली है। पूरी जेल बैरक और प्रशासनिक कर्मचारियों में इस घटना से हड़कंप मच गया है। जेल के वरिष्ठ अधिकारी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे और मामले का जाएजा शुरू कर दिया । पॉक्सो एक्ट के गंभीर मामले में बंद था मृतक पॉक्सो एक्ट के एक गंभीर मामले में बंद था आरोपी , मृतक कैदी की पहचान अभिषेक के रूप में हुई है। अभिषेक पिछले मार्च से इसी जिला कारागृह में बंद था क्योंकि उस पर पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और अन्य महत्वपूर्ण धाराओं के तहत मामला दर्ज था। उसने संदिग्ध हालातों में शुक्रवार को जेल के भीतर फांसी लगा दी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, परिजनों को दी सूचना कैदी की जांच जेल डॉक्टरों की टीम ने की, जिसके बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया। जेल प्रशासन ने कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए कैदी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के परिवार को इसके बाद घटना की आधिकारिक सूचना दी गई, जिसके बाद परिजनों में कोहराम मच गया। जेल प्रशासन पर उठे सवाल इस गंभीर घटना के बाद बांदा क्षेत्र, जेल की सुरक्षा और पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि आखिर कड़ी सुरक्षा और चौबीसों घंटे पहरे के बाद भी कैदी के पास फांसी लगाने का साधन कैसे उपलब्ध हुआ? मामले पर जानकारी देते हुए जेल अधीक्षक शशिकांत सिंह ने बताया कि घटना की मजिस्ट्रेट जांच कराई जाएगी और पता लगाया जाएगा कि कैदी ने यह कदम किन परिस्थितियों में और क्यों उठाया। ड्यूटी पर नियुक्त कर्मचारियों की लापरवाही की भी जांच की जा रही है। ये भी पढ़े : Illegal Trade: नकली गुटखा फैक्ट्री का भंडाफोड़: घर के अंदर चल रहा था अवैध धंधा